“धनबाद में गूंज रहा एक ही नाम – मेयर पद के मजबूत दावेदार अमित अग्रवाल, विकास मॉडल बना जनता की पहली पसंद”
धनबाद नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, शहर की राजनीति में एक नाम तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है—अमित अग्रवाल। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों के बीच उनकी कार्यशैली, सोच और विकास को लेकर बनाई गई प्राथमिकताएं चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं। चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही उन्होंने शहर की जरूरतों को समझते हुए कई मुद्दों पर अपनी स्पष्ट योजना और दृष्टिकोण सामने रखा है, जिससे लोगों में उम्मीद और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
अमित अग्रवाल का कहना है कि धनबाद केवल कोयला नगरी नहीं, बल्कि संभावनाओं का शहर है। यदि सही योजना और मजबूत नेतृत्व मिले तो यह शहर देश के विकसित नगरों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। उनका मुख्य फोकस “स्वच्छ और सुंदर धनबाद” के निर्माण पर है। उनका मानना है कि शहर की पहचान उसकी साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था से बनती है। इसके लिए वे ठोस कचरा प्रबंधन, नियमित सफाई व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दे रहे हैं।
शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक सड़क व्यवस्था को लेकर भी अमित अग्रवाल ने स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। उनका कहना है कि धनबाद की सड़कों को अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है। मजबूत और टिकाऊ सड़कों के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
पेयजल आपूर्ति की समस्या को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। कई इलाकों में लोगों को नियमित और स्वच्छ पानी नहीं मिल पाता, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। अमित अग्रवाल का लक्ष्य है कि शहर के हर घर तक नियमित और शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाए। इसके लिए जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने और पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करने की योजना तैयार की जा रही है।
सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया है। उनका मानना है कि एक सुरक्षित शहर ही विकास की नींव बन सकता है। इसी सोच के तहत उन्होंने शहर में सीसीटीवी कैमरों के व्यापक विस्तार की बात कही है, ताकि अपराध पर नियंत्रण रखा जा सके और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। स्मार्ट निगरानी व्यवस्था से कानून व्यवस्था को मजबूत करने का उनका संकल्प लोगों को प्रभावित कर रहा है।
व्यापारी वर्ग के लिए भी अमित अग्रवाल ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संकेत दिया है। उनका कहना है कि धनबाद की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की अहम भूमिका है, इसलिए उनके हितों की सुरक्षा और सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। बाजारों की बेहतर व्यवस्था, पार्किंग सुविधाएं और व्यापारिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात उन्होंने कही है।
युवाओं के लिए रोजगार और अवसर सृजन भी उनके एजेंडे का अहम हिस्सा है। उनका विश्वास है कि यदि युवाओं को सही मंच और अवसर मिले तो वे शहर को नई दिशा दे सकते हैं। कौशल विकास, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने का उन्होंने संकल्प लिया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की बात भी उन्होंने जोर देकर कही है। उनका मानना है कि शहर की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है, इसलिए धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक आयोजनों को उचित सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इन सभी योजनाओं और संकल्पों के साथ अमित अग्रवाल ने नगर निगम चुनाव में जनता से बहुमत वोट की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनता का समर्थन मिला, तो वे धनबाद को एक स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे। शहर में बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच मिल रहे समर्थन से यह साफ दिखाई दे रहा है कि इस चुनाव में उनका नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो चुका
