धनबाद में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
बीएसएस महिला कॉलेज में इंटरनल परीक्षा बनी मज़ाक


धनबाद से चैनल हेड सोनू कुमार की रिपोर्ट
#धनबाद :
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का एक और गंभीर और शर्मनाक चेहरा धनबाद के बीएसएस महिला कॉलेज में देखने को मिला है। यहां 11वीं कक्षा की इंटरनल परीक्षा कागज़ों में तो आयोजित हुई, लेकिन ज़मीनी हकीकत ने पूरी परीक्षा प्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया।
कॉलेज परिसर में परीक्षा का दृश्य किसी शैक्षणिक संस्थान जैसा नहीं, बल्कि अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बनकर सामने आया। छात्राएं कहीं कॉलेज की छत पर, तो कहीं ज़मीन पर बैठकर परीक्षा देती नजर आईं। कई छात्राओं के हाथों में मोबाइल फोन साफ़ तौर पर देखे गए, जिनसे वे गूगल पर उत्तर खोजती रहीं।
हैरानी की बात यह रही कि कुछ छात्राएं बिना प्रश्न पत्र के ही परीक्षा देती हुई पाई गईं। न तो निर्धारित परीक्षा कक्ष की व्यवस्था थी और न ही परीक्षा की निगरानी के लिए कोई ठोस इंतज़ाम। पूरे परिसर में पर्यवेक्षकों की गैरमौजूदगी और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही साफ़ झलकती रही।
यह पूरी स्थिति परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब मूल्यांकन ही इस तरह मज़ाक बन जाए, तो छात्रों की मेहनत, योग्यता और भविष्य का क्या होगा—यह एक बड़ा सवाल बन गया है।
मामले को लेकर आइसा स्टूडेंट यूनियन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आइसा नेताओं का कहना है कि इंटरनल परीक्षा छात्रों के शैक्षणिक मूल्यांकन की बुनियाद होती है, लेकिन जब वही परीक्षा इस तरह खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाए, तो पूरी शिक्षा व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाता है। यूनियन ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि
👉 क्या शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेगा?
👉 क्या कॉलेज प्रशासन जवाबदेही तय करेगा?
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?
धनबाद से सोनू कुमार की रिपोर्ट।
