धनबाद : जिले का हर छात्र बनेगा डिजिटल साक्षर, निःशुल्क मिलेगा डिजिटल लिटरेसी व स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण

धनबाद : जिले का हर छात्र बनेगा डिजिटल साक्षर, निःशुल्क मिलेगा डिजिटल लिटरेसी व स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण

धनबाद से चैनल हेड सोनू कुमार की रिपोर्ट

धनबाद जिले के प्रत्येक छात्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिले के छात्रों को डिजिटल साक्षरता, आधुनिक तकनीकी कौशल और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राम कुमार सिंह, रजिस्ट्रार सहित जिले के 25 कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने बताया कि इस पहल के तहत गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (निलेट) के साथ एमओयू किया गया है। यह जिले में डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरुआत है। आगे चलकर अन्य कॉलेजों के साथ भी निलेट का एमओयू कर छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे कंप्यूटर लैब की व्यवस्था कर प्रशिक्षण के लिए छात्रों को चिन्हित करें। जैसे-जैसे छात्रों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे लैब का विस्तार किया जाएगा। जिला प्रशासन इस कार्य में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।

इस प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से छात्र ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग कोर्स, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सेमिनार, वर्कशॉप एवं गेस्ट लेक्चर में भाग ले सकेंगे। साथ ही उन्हें प्लेसमेंट सपोर्ट और करियर गाइडेंस भी उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में निलेट के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. नितिन कुमार पूरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि निलेट द्वारा एनएसक्यूएफ-अलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बेसिक एवं एडवांस कंप्यूटर सहित विभिन्न स्ट्रीम में दीर्घ एवं अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ये कोर्स राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं, इंडस्ट्री-आधारित सिलेबस पर आधारित हैं और छात्रों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स पूर्ण होने के बाद छात्रों के क्रेडिट को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) में जोड़ा जाएगा, जिससे आगे की पढ़ाई और प्लेसमेंट में लाभ मिलेगा।

बैठक के दौरान अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी भी दी गई। संस्थान के प्रतिनिधि श्री चंदन श्रीवास्तव ने बताया कि यह छात्रवृत्ति सरकारी विद्यालय से 10वीं-12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में अध्ययनरत छात्राओं को दी जाएगी। इसके तहत प्रति वर्ष 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।

बैठक में डीएमएफटी पीएमयू टीम लीडर श्री शैलेश तिवारी, श्री आकाश कुमार गुप्ता (पीएम-एमआईएस) एवं श्री अमर कुमार श्रीवास्तव (पीएम-लाइवलीहुड एंड स्किल्स) भी उपस्थित रहे।

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