बी.एस.एस महिला कॉलेज में प्राचार्या की मनमानी के खिलाफ आइसा का जोरदार प्रतिवाद, प्रशासन को झुकना पड़ा

स्थान : धनबाद

News S. भारत धनबाद से चैनल हेड सोनू कुमार की रिपोर्ट

बी.एस.एस महिला कॉलेज में प्राचार्या की मनमानी के खिलाफ आइसा का जोरदार प्रतिवाद, प्रशासन को झुकना पड़ा
धनबाद स्थित बी.एस.एस महिला कॉलेज में छात्राओं के साथ हो रहे कथित अन्याय और प्राचार्या की निरंकुश कार्यशैली के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) धनबाद इकाई ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आइसा ने कॉलेज प्रशासन पर नियमों की अनदेखी, छात्राओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया।
आइसा के अनुसार, कॉलेज की प्राचार्या द्वारा बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना अथवा सूचना-पट्ट पर कोई निर्देश जारी किए ही आइसा की कॉलेज अध्यक्ष प्राची दुबे का मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया। इतना ही नहीं, छात्रा पर ₹500 का मनमाना जुर्माना भी लगाया गया। आरोप है कि यहीं तक मामला सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रा के घर फोन कर उन्हें डराने-धमकाने की भी कोशिश की गई।
आइसा ने सवाल उठाया कि 4500 से अधिक छात्राओं वाले इस महाविद्यालय में केवल एक छात्रा को चुनकर इस प्रकार दंडित करना पूरी तरह से असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और भेदभावपूर्ण है। संगठन का कहना है कि यदि कोई नियम है तो उसे लिखित रूप में सभी छात्राओं पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, न कि किसी एक छात्रा को निशाना बनाया जाए।
इन गंभीर मुद्दों को लेकर आइसा धनबाद ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के डीन केबिन में जमीन पर बैठकर शांतिपूर्ण धरना दिया। आइसा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक कॉलेज की प्राचार्या स्वयं उपस्थित होकर छात्रा का मोबाइल फोन वापस नहीं करतीं और अपनी गलती स्वीकार नहीं करतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
लगातार दबाव, विरोध और छात्र संगठनों की एकजुटता के बाद अंततः कॉलेज प्रशासन को आइसा के सामने झुकना पड़ा। प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए आइसा कॉलेज अध्यक्ष प्राची दुबे का मोबाइल फोन उन्हें वापस सौंप दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
इस मौके पर आइसा नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक मोबाइल फोन का नहीं, बल्कि छात्राओं के सम्मान, अधिकार और लोकतांत्रिक माहौल की रक्षा का है। आइसा ने दो टूक कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में तानाशाही रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आइसा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि
“लड़ो पढ़ाई करने को, पढ़ो समाज बदलने को”
सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि छात्र आंदोलन की सच्ची पहचान है।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से आइसा झारखंड राज्य उपाध्यक्ष जयजीत मुखर्जी, स्नेहा कुमारी, सह-सचिव रितेश मिश्र, विश्वविद्यालय प्रभारी दीपक महतो, प्रद्युमन सिंह, पल्लवी रोशन, राहुल बांसफरे सहित कई आइसा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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