मरावाड़ी युवा मंच, गोविंदपुर शाखा की एजीएम संपन्न — 2026-27 के लिए नई टीम का गठन, 35 वर्ष पूरे होने पर भव्य योजनाओं की तैयारी
मरावाड़ी युवा मंच, गोविंदपुर शाखा की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) आज उत्साहपूर्ण और गरिमामय माहौल में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में शाखा के सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और संगठन के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सभा का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा करना और आगामी वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का गठन करना था।
सभा के दौरान सर्वसम्मति से वर्ष 2026-27 के लिए नई समिति का ऐलान किया गया। शैलेश बंसल को अध्यक्ष, आशीष मित्तल को सचिव और गोपाल अग्रवाल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, शाखा के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष उत्सव परियोजना के लिए विवेक लोधा को प्रोजेक्ट चेयरमैन नियुक्त किया गया। नई टीम के गठन के बाद सभी पदाधिकारियों का सदस्यों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में पिछले वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें संगठन द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सेवा कार्यों का विस्तृत विवरण रखा गया। सदस्यों ने रिपोर्ट पर अपने सुझाव दिए और आने वाले समय में इन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आगामी वर्ष में समाजसेवा और जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
इस वर्ष गोविंदपुर शाखा अपनी स्थापना के 35 वर्ष पूरे करने जा रही है, जिसे लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों और सांस्कृतिक आयोजनों की योजना तैयार की जा रही है। सदस्यों ने इस अवसर को समाज के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बनाने पर जोर दिया।
सभा में प्रांतीय उपाध्यक्ष आदित्य अग्रवाल, पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष बजरंग अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा विवेक लोधा, कुणाल केजरीवाल, सौरभ बजाज, शुभम पिलनिया, रित्विक दुदानी, अमित बजाज, पवन अग्रवाल एवं अन्य सदस्यों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
अंत में, नव-निर्वाचित अध्यक्ष शैलेश बंसल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से समाजहित में निरंतर कार्य किए जाएंगे।
यह एजीएम संगठन के लिए नई दिशा, नई ऊर्जा और नए संकल्पों का प्रतीक बनकर सामने आई।
