फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन सख्त, कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई
एसडीएम के नेतृत्व में विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानक पूरे होने तक कई संस्थान बंद करने के निर्देश
छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) श्री लोकेश बारंगे के नेतृत्व में जिला प्रशासन की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण अभियान के दौरान टीम ने सिटी सेंटर तथा सरायढेला क्षेत्र में स्थित कई छोटे और बड़े कोचिंग संस्थानों का जायजा लिया। जांच के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक सुरक्षा मानक पूरे होने तक बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए। इस संबंध में संबंधित कोचिंग संचालकों से लिखित आश्वासन पत्र भी प्राप्त किया गया।
जांच में यह पाया गया कि कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguishers) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। साथ ही आपातकालीन निकास (Emergency Exit) जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं भी मौजूद नहीं थीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए छात्रों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ बताया।
इसके अलावा कई कोचिंग सेंटरों में क्षमता से अधिक छात्रों को एक साथ बैठाया जा रहा था। कई स्थानों पर वेंटिलेशन की व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई। प्रशासन के अनुसार ऐसी परिस्थितियां किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से छात्रों को संस्थानों से बाहर निकलवाया और संचालकों को कड़ी चेतावनी दी।
जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिला अग्निशमन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त करने और सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही कक्षाओं का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
एसडीएम श्री लोकेश बारंगे ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक लाभ के लिए बच्चों के जीवन को खतरे में डालने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री संजय झा, अंचल अधिकारी श्री राम प्रवेश कुमार, जिला अग्निशमन पदाधिकारी श्री लक्षण प्रसाद, नगर निगम एवं विद्युत विभाग के अधिकारी सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
